शब्दपर्ण
चार पंक्तियाँ
*शायरी*
  ये बारिश की बौछार भी भीगा रही थी ना बार बार इसिलए, फ़िरसे तुम्हारी यादें आज सता रही थी बार...
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शायरी
  मुझेसे मत पूछ की क्यों, तुमसे नजरें छुपा ली मैंने! तेरी तस्वीर जो थी मेरी आँखों में वही...
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शायरी
मौत सें पहिले भी एक मौत हैं देखो जरा अपनी मोहब्बत सें जुदा होकर कुछ पल के लिये अस्मिता मार्डीकर
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शायरी
अगर मीठे लब्ज कह दू तो चाहत बढ़ नहीं जाती किसीसे अक्सर देखा हैँ मैंने, मुहब्बत तो वो भी करते हैँ जो...
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*शायरी*
रुखा सा महसूस हो रहा हैँ दिल को ना अभी आँख नम हैँ ना कोई तुमसे शिकायत हैँ ये प्यार भी ना इस मोड पर...
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*शायरी*
तुम्हारे तस्वीर के सहारे गुजारने लगे दिन रात सारे तुम समझो  ना समझो मेरे इश्क़ के वो इशारे अस्मिता...
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शायरी
  अपना अपना कहके सब गले लगा कर बडे इतरा रहे थे गौर से देखा तो पता चला, भरे मैफिल में मौका...
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