आज सुबह से शर्मिष्ठा घरके बाहर बेचैनी से चल रही थीl कल डॉक्टर के पास से आई तब से उसका ध्यान किसी और नहीं...
कोरटकर सुप्रसिद्ध संगीत घराना
संगीत की बात छेड़ी जाए और सारंग कोरटकर का नाम ना निकले ऐसा होना नामुमकिन...
........जाने क्यूं ....आज दिल बडा उदास है......युं तो कुछ महसुस नही....मगर बैचैनी कुछ खास है.....
.....शायद...
