दिल ए नादां मे इक
कसक थमी है ..
जानता है दिल
के वो आसपास
कही नही….
रुखसत भी हो
किस कदर अहसास
तेरी...
.अरे ओ कान्हा.....
सच्ची सच्ची इक बात बताओ
यूं झूठी बतियां ना बनाओ
झुठला कर मेरी बातों को
मेरे मन...
किश्तो मे जीतेजीते ....
उकता गया ये दिल......
ऐ जिंदगी
तु कभी फुरसत से
आ के हमसे मिल
कुछ तो मुकम्मल...
वर्षा की धीमी फुहार से .....
गया है तनमन भीज ...
बिना संदेशा दिये चल दि ......
उष्ण मौसम की खीज ......
वर्षा...
