चार पंक्तियाँ शायरी Asmitatul अपना अपना कहके सब गले लगा कर बडे इतरा रहे थे गौर से देखा तो पता चला, भरे मैफिल में मौका देख अपनों को ही नजरों से गिरा रहे थे अस्मिता मार्डीकर Views: 8 0