चार पंक्तियाँ *शायरी* Asmitatul तुम्हारे तस्वीर के सहारे गुजारने लगे दिन रात सारे तुम समझो ना समझो मेरे इश्क़ के वो इशारे अस्मिता मार्डीकर Views: 8 0