शायरी
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  मुझेसे मत पूछ की क्यों, तुमसे नजरें छुपा ली मैंने! तेरी तस्वीर जो थी मेरी आँखों में वही तुझीसे छुपा ली मैंने अस्मिता मार्डीकर …

महफिल शब्दोंकी

शब्दोंकें इस भरी महफिल में ईनसें दिलकी बातें कर लेतें हैं हंस खेलकर इनकें साथ कुछ वादें कर लेते हैं सुबहसे शाम तक मेरा साया …

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