<span class="vcard">Chanda</span>
Chanda

Sheela Rangari

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  चलो मिलजुल कर चिराग जलायें हर दिलमें रोशनी फैलायें जात-धर्म कें नाम पर लड पडनेंकी आदत छुडवायें दानधर्म के झोली भरते हैंं भुखकें मारे सेकडों बच्चे मरते हैं कुछ... More

शब्दोंकें इस भरी महफिल में ईनसें दिलकी बातें कर लेतें हैं हंस खेलकर इनकें साथ कुछ वादें कर लेते हैं सुबहसे शाम तक मेरा साया होते हैं मुझे गले लगाकर... More

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