बादल
बादल

मेरे हिस्से का बादल

……..जाने क्यूं ….आज दिल बडा उदास है……युं तो कुछ महसुस नही….मगर बैचैनी कुछ खास है….. …..शायद …समय का फर्क है…..भरी दोपहरी….और अलसायी सी धूप….नियती भी …

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