अपराध ऐसा भी…..
अपराध ऐसा भी…..

अपराध ऐसा भी…..

“मोहन तिवारी की हत्या”

इस खबर से पूरे शहर में खलबली मच गई। तीन बार निर्वाचित विधायक रह चूके ओमप्रकाश तिवारी के बेटे मोहन को पिछले महीने बलात्कार के आरोपों से बरी करार दिया गया था।
तिवारी के बंगले पर आतिशबाजी के साथ उसका स्वागत किया गया। चुनाव नजदीक आ रहा था। मोहन तिवारी के पिता चुनाव में खड़े थे।
मोहन तिवारी ने खुद के निर्दोष होने के प्रमाण पत्र के साथ अभियान में भाग लिया।
और आज अचानक ……
पूरा पुलिस विभाग हत्यारे की तलाश कर रहा था लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। राजनीतिक दबाव बढ़ रहा था।
पंद्रह दिन बाद शहर में एक और हत्या हुई। वह भी मोहन तिवारी जैसा हि आरोपी था जो बलात्कार के आरोप से बरी हो गया था।
पुलिस आयुक्त ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई।
मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया।
विशेष अधिकारी अजय भोसलेको जांच करने हेतु नियुक्त किया गया l
और उन्हें बताया गया कि हत्यारे को एक महीने के भीतर ढूंढ लिया जाए।
अजय भोसले ने काम करना शुरू कर दिया। उनके साथ जूनियर ऑफिसर उदय नगराले भी थे।
भोसले और नगराले ने कई मामलों को एकसाथ सुलझाया था।

सर, एक महीने में दो हत्याएं हो गयी।

चौकानेवाली बात हैl
सर, आप क्या सोचते है?
क्या एकने ही दो हत्याएँ कि होगी?
लेकिन हत्या का तरीका अलग है।

नगराले, अभी कुछ भी तय नहीं किया जा सकता है।
हत्यारा एक या दो है … अनुमान नहीं लगा सकते।

सर, , लोगोमें घबराहट फैली है।

कल उन दो पिडीत लडकियोकें गाँव जाते हैl देखते है कुछ सुराग मिलता है क्याl
हाँ सर l

अगले दिन, वे दोनों लडकियोकें गाँव गए। एक लड़की की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी।
उसके माता-पिता से पूछताछ की गई।
दूसरे मामले में लड़की कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं थी।
दोनों वापिस आ गए।

सर, अलग मामला लग रहा है। हत्यारा एकही है शायद। दोनों मामलों में उसी व्यक्ति की हत्या होती है जिसने अपराध किया लेकिन कानुन से बच गया है।

क्या उन युवतियों का कोई एक प्रेमी होगा?
भोसले सरने पुछाl

मुझे ऐसा नहीं लगता। वह इतनी चतुराई से ऐसा नहीं करेगा।

प्यारमें अंधा आदमी इतनी होशियारीसे नही करेगा

अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद भोसले घर आए।
उन्होनें अपनी पत्नीसे पुछा

सुधा पिहु कहाँ गई? (पिहू उनकी बेटीका नाम है)

दोस्तके जन्मदिन की पार्टी में गयी है।

पिहू को गये हूए काफी समय हो गया है !
मै और माँ उसका ही इंतजार कर रहे हैl

तुम दोनों जल्दीही परेशान हो जाते हो।

अजय, माहौल पहले जैसा नही रहा बेटा ।
उनकी माँ ने कहाँl

माँ, मेरे जैसे अधिकारी के घर में यह स्थिति है।
अन्य लोग लड़कियों की देखभाल कैसे करते होंगे?
तभी पिहु घर आती है।

दो दिन बाद, एक और हत्या हो गयी l

नगराले, जांच में तेजी लाने की जरूरत है।
हाँ, सर।
सर, आपको नहीं लगता एक ही हत्यारा हैl

नहीं।
अलग-अलग जगहों पर जाना और अलग-अलग लोगों को मारना एक व्यक्ति का काम नहीं लगता।

लेकिन साहब, उस दिशा में जाँच करने की जरुरत है

नगराले, आप ज्यादाही टेंशन ले रहे हो l
SORRY सरl

ज्यादा टेंशन न लें। हम इस मामले को सुलझा लेंगे।
दोषियों को ढूंढही लेंगेl

भोसले सरने नगरालेको
समझाया l

अखबार में खबर छपी

” चौथी हत्या
चार हत्याओं के बावजूद, अपराधशाखा अभी तक खूनीका पता नहीं लगा पायी।”

आज, भोसले ने शहर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की।
उन्होनें भोसलेसरको आॕर्डर दिया ।

“भोसले, नगराले, यह केस आपकी काबीलियतको देखकर आपको दिया गयाl पंद्रह दिनके अंदर मामला सुलझ जाना चाहिए l”

सुबह सुबह
अखबार पढ़ते ही पिहू चिल्लायी
पापा, यह क्या है? पांचवीं हत्या हुई ।
आप खूनीको ढूँढ नही पा रहे हो l

बेटा, हम कोशिश कर रहे।
हम जादूगर थोडे ना है l
बस् छूमंतर कहाँ और हत्यारा आगे आ गयाl

लेकिन मेरे पिता एक जादूगर हैं। वह इस समस्या को जरुर सुलझायेंगे।
मुझे आप पर गर्व है पापा।

पिहू, तुम्हें अकेले बाहर नहीं जाना चाहिए
उस दिन आपही तो हमे समझा रहे थे और आज खूद ही मना कर रहे हो

सुधा पता नहीं कभी-कभी मुझे बहुत डर लगता है।
पिहूके साथ कुछ—-सोचकेही डर लगने लगता है।
मेरी बच्ची सुरक्षित कैसे रहेगी यही खयाल बार-बार दिमागमें आता है।

इतना तनाव मत लो। सुधाने कहाँ।

सर, आपको एक बात याद है?

कौनसी?

सभी हत्याए छुट्टी के दिनही पर हो रही हैं।

हाँ।
आपका अनुमान सही है।

सर, क्या हमें जांच की दिशा बदलनी चाहिए?
मुझे लगता है कि हत्यारा एकही व्यक्ति है।

नगराले, तुम्हें लगता है कि सभी पांच हत्याएं एक ही व्यक्ति द्वारा की गई थीं?
हाँ सर l
मुझे ऐसा नहीं लगता।

सर, आप मेरे गुरु हैं। मैंने आपसे बहूत कुछ सिखा। लेकिन इस बार कुछ गलत लग रहा है।
सर, जांच की अवधी समाप्त हो रही है। शायद हमें जांच की दिशा बदलनी चाहीएl
तुम कह रहे हो तो वैसा करके देखते है।
मैं दो दिनों के लिए छुट्टी पर जा रहा हूं। आवश्यकता होने पर मुझे फोन करो।

Ok सर l

नगराले जानते थे कि जांच ठीक नहीं चल रही है।

दो-तीन दिन बीत गए।
भोसले सर ऑफिस के काम में व्यस्त थे।
सर, आप अभी तक घर नहीं गये?

आज घरमें कोई नहीं घर के सभी लोग एक शादी में गये है।
कल वापिस आयेंगे।
घर पर अकेलापन महसूस होगा इसलिए आज देर से घर जाऊँगा।

सर, पिहू से मुलाकात हुई थी।
उसको पता नही था आप दो दिन छुट्टीपर थे l

हाँ, मुझे दुसरी जगह थोडा काम था।
क्या आप मेरा पिछा करते हो नगराले?
नहीं सर, बस पूछा आपसे।

सर, चलिए मैं आपको घर छोड़ता हूँ।
तूम चलो, मै आता हूँ ।
नगराले भोसलेसर के इंतजार में कार में बैठ गए।

चलिए चलते हैं।
गाड़ी में बैठते हूए भोसलेसर ने कहाँ।
थोड़ा आगे जाने पर नगरालेने पूछा,

तो आपने अब तक कितनी हत्याएं की हैं सर?

नगराले।

भोसलेसर चिल्लाये।
सर, मैं आपका शिष्य हूं। मैंने जो सिखा सब आपसेही
सिखाl
ऐसा नहीं हो सकता है कि अपराधी मेरे सामने है और मुझे पता भी ना चले।

सर, आपने पहले कभी इस तरह से किसी मामले की जांच नहीं की है।
हम उन लड़कियों के गाँव गए जबकि उसकी ज़रूरत नहीं थी। मेरा शक बढ़ गया ।
छुट्टी लेकर आप घर पर नहीं थे। मैंने आप पर नजर रखी।
भोसले शांत बैठे थे।
भोसलसर का घर आया।
नगरालेने नीचे उतरकर दरवाजा खोला ।

सर उतरिए।

सर आप टेंशन मत लिजिए ।
कुछ ना कुछ रास्ता जरुर निकलेगा ।

हम कल इस विषय पर बात करेंगेl
इतना कहकर नगराले चले गए।

जाते जाते चौकीदारसे कहाँ,

सर अकेले हैं ध्यान रखो ।

सर को छोडने के बाद पंद्रह मिनटमेही चौकीदार का फोन आया।
उसने कहा,भोसलेसर के घर से गोलीबारी की आवाज आई।
नगराले वापिस लौट आए। फ्लैट खुलवाया।
सर खून से लथपथ पडे थे।
बाजू के टेबलपर एक नोट था जो उन्होने लिखा था। उन्होंने चौकीदारसे एम्बुलेंस बुलाने के लिए कहा।
नगरालेने नोटपर नज़र डाली और अपनी जेब में रख दिया। पुलिस आ गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू थी।
नगरालेने प्रेस कॉन्फ्रेंसमें कहाँ,

भोसले सर, जिन्होंने हर मामले को सफलतापूर्वक हल किया, उन्हें निराशा हुई क्योंकि उन्हें इस मामले में सफलता नहीं मिल रही थी।
उसी तनाव कि वजहसे शायद उन्होनें खुद को गोली मार दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म हो गई है।

नगरालेने अपनी जेब से भोसलेसर कि नोट निकाली और पढने लगे
भोसलेसर ने उसमें सबकुछ लिखा था
कैसे? कहां? क्यों?
हर हत्या पर विस्तार से लिखा था।

उन्होंने अंत में लिखा,
सबूतों के अभाव में फरार हुए जानवर को देखकर मुझे गुस्सा आता था।
मेरी बेटी की सुरक्षा को इन अपराधियों ने बर्बाद कर दिया।
इन लोगों ने एक साधारण जीवन जीने के लडकियोकां अधिकार समाप्त कर दिया।
मैंने उन बर्बर लोगों को दंडित करने की कोशिश की जिन्होंने लड़कियों को जानवरों के रूप में माना, इंसानों के रूप में नहीं।
क्या मैं सही हूं या गलत हूं?
अभी मेरे पास इसका जवाब नहीं है।

नगरालेने नोटको लाइटर से जलाया।
उन्होंने भोसलेसर जो उन्हें गुरुस्थानी थे और उनका डिपार्टमैंट जो उन्हें वंदनीय था दोनोका मान बरकरार
रखा l

हत्या का सिलसिला अब थम गया था।
लेकिन हत्यारा अब कभी नहीं मिलेगा …

प्रिती

 

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