दिलकश कसक

जाने क्यू बडाअजीब होता है
तेरे पास होने का अहसास
लगता है लपेट रखा है मुझे
तेरी मखमली महकती सांसों ने
बहकते बहकते जजबातो ने
लगता है तु समाया जा रहा है
रूह से भाीतर ही भाीतर…..
बडी दिलकश कसक होती है
इस मदहोश मौसम मे
लगता है…. तु ….बस तु ही तु …
आसपास . हर तरफ.यहीं कहीं है
जानती हूं,, मगर,, तु ,,यहां,,कहीं नही है…..
तेरे प्यार का असर है जो मुझमे
जीने की आस जगाता है …
मगर तु बंद मुस्कुराती आंखो के
कोनो मे खडा मुस्कुराता है ……..
थोडा बदमाश तु …
थोडा नादान है तु……
हां मगर ये सच है मेरी जान
मेरा इमान मेरा मान है तु…..

……..सरिता विलास बायस्कर……..

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