कल फिर बहेगा

 

पंखुडियां गुलाब की
डाली से गिरकर
इल्तजा करती हैं ..
के ऐ …..
पुरवाईयो जाओ जाकर
यार को खबर दो
आज न सही ..
कल की सुबह का
फिर इंतजार रहेगा
हमारी खुशबुओं का दौर
फिजाओं संग कल फिर बहेगा

सरिता विलास बायस्कर…

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