भय मृत्युका

आज सुबह से शर्मिष्ठा घरके बाहर बेचैनी से चल रही थीl कल डॉक्टर के पास से आई तब से उसका ध्यान किसी और नहीं लग रहा था l
मन में कुछ ना कुछ बुरे बुरे खयाल आ रहे थे ऐसे समय में मन और मस्तिष्कका संतुलन नहीं रहता l

मै जो सोच रही हूँ वो अगर सच हो गया तो
फिर?
क्या मेरा हंसता हुआ आशियाना एक पलमें तहसनहस हो जाएगा
यह ख्याल मनमें आतेही वह भयसें काँप उठीl

नहीं नहीं ऐसे नहीं होगाl
ईश्वर इतना भी बुरा नहीं है l
मैं बिना कुछ भी सोचती हूं l
ऐसा नहीं होगा सब कुछ अच्छा ही होगा खुद को वह ऐसे समझा रही थीl
लेकिन पलभर ही
अगलेही पल वही डर उसके मन में आ रहा थाl
सचमुच मुझे लगता है वैसे ही हुआ तो यह सोच कर वह पसीने से लथपथ हो गई l
उसके चलने की गती अपने आप बढ़ गईl
चलते-चलते फिर से खुद से ही बात कर रही थी

नहीं ,नहीं होगा वैसाl

मै तो सब नियममें रहकर करती हूँl

मुझे नहीं होगा वैसा कुछ लेकिन फिर डॉक्टर ने चेकअप करने के लिए क्यों बोला होगा?

और मेरी मेरी वह सहेली सावी वह तो तबीयतका कितना खयाल रखती थी l
लेकिन फिर भी….

मम्मी ए मम्मी

देवकी आवाज से उसकी विचार श्रृंखला भंग गई
किस ख्याल में खोई हुई है आप?

कब से आवाज दे रहा हूं ,
कितना टेंशन ले रही कुछ नहीं हुआ आपकोl
मैं अभी ऑफिस में जाते जाते लॕबसे आपका रिपोर्ट लेता हूं और तुरंत आपको कॉल करके बताता हूँ l

इतना बोल कर देव चल दिया l

वह आगे जाने के बाद शर्मिष्ठाको याद आया,
आज देवको टिफिन दिया ही नहीं l

मेरे बाद मेरे देवको कौन टिफिन देगा?
इस खयाल से और भी दुखी हो गई l

बस और थोड़ी देरकी बात हैl
ईश्वर अब आपका ही सहारा है l

मुझे नहीं जाना अभी l
मेरे देव की शादी बाकी है l
उसके पिता गुजर जाने के बाद अकेली ही पाला है उसकोl
अकेला हो जाएगा वहl
उसको मेरे बिना कोई नहीं l

और ,और मेरे वृद्ध माता पिता इस उम्रमें मेरा जाना कैसे सहेंगे ?

यह सोचकर उसके आंखों से आंसू गिरने लगे l
ईश्वर बचा लो मुझे l

थकी शर्मिष्ठा घर के बाहर ही बैठ गई देव का कॉल आएगा ही अभी l
उसके दिलकी धड़कन बढ़ रही थीl

इतने में गेट में गाड़ी रख कर देव आते हूँए नजर आया l

अरे ,यह तो मुझे कॉल करने वाला था l
फिर ?
फोन में बताने जैसा नहीं होगा इसलिए खुद आया शायद l
सच में कुछ ना कुछ बुरी बात जरूर है रिपोर्ट मेंl

ईश्वर यह आपने क्या किया?
क्यों किया ?
मम्मी देखिए, आपका रिपोर्ट नेगेटिव आया है कहते हुए देव ने शर्मिष्ठा को बाहों में भर लिया l

क्या ?
देव सच में?
हाँ मम्मी ,आपका सुबह का टेशन देखने के बाद ऑफिस में मेरा मन ही नहीं लगा lइसलिए आपका रिपोर्ट लेकर तुरंत घर में आ गया l

रिपोर्ट शर्मिष्ठा के लिए इतना महत्वपूर्ण था वही जानती थी एक रिपोर्ट की वजह से कल से अस्तव्यस्त होनेवाला जीवन आज सरल हो गया!

0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!