वर्षा रानी
वर्षा रानी

वर्षा रानी

वर्षा की धीमी फुहार से …..
गया है तनमन भीज …
बिना संदेशा दिये चल दि ……
उष्ण मौसम की खीज ……
वर्षा आयी वर्षा आयी ….
प्यारेप्यारे मोती लाई…..
झूमझूम कर पेडो पर ….
पत्तों ने फिर ताली बजाई….
हरियाली धरती भी देखो ….
लज्जा से सकुचाई शरमाई…
ओढ ओढनी फूलो वाली …
आँखोआँखो ही इतराई…..
उमड पडे सारे झरने जब …..
बरखा लगी खिलखिलाने …..
पुरवाई भी संग प्रीत के …
गीत लगी गुनगुनाने…
आहा रे वर्षा …हाय री बरखा
बडी ठिठौली करती हो……
नौनिहाल इस मौसम से तुम …
बिल्कुल नही डरती हो ….
रंग दिया है मौसम को कुछ
तुमने अपने रंग मे ….
मन भावन हो मयुर नाचे
चितवन वन उपवन मे ..
तुम क्या जानो बाट जोहते…
कृषको की कहानी….
बरसो जमकर बरसो वर्षा ..
तुम मौसम की रानी..

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