वाह रे गुलाब- हिंदी कविता
वाह रे गुलाब …वाह रे गुलाब….. तुम्हारा न कोई तोड ..न हि कोई जवाब वाह रे गुलाब …वाह रे गुलाब ठाठ तो ऐसे ..जैसे सियासती …
वाह रे गुलाब …वाह रे गुलाब….. तुम्हारा न कोई तोड ..न हि कोई जवाब वाह रे गुलाब …वाह रे गुलाब ठाठ तो ऐसे ..जैसे सियासती …