कविता मेरी कविता चाँद sarita2002 आशिकाना रात मे पुनम का चाँद भी बादलो की ओट से मौसम का जायका लेता नजर आया …. ,,तु ,,क्या आया जिंदगी मे जीने का अंदाज ही बदल गये हर मंजर सुहाना हुआ जीने का अंदाज बदला हर शय बदली वजुद मे निखार आया @$ Views: 11 0
बहुत बढिया ताई👌