अधूरी जिंदगी
किश्तो मे जीतेजीते …. उकता गया ये दिल…… ऐ जिंदगी तु कभी फुरसत से आ के हमसे मिल कुछ तो मुकम्मल हो दिल मे दबी …
किश्तो मे जीतेजीते …. उकता गया ये दिल…… ऐ जिंदगी तु कभी फुरसत से आ के हमसे मिल कुछ तो मुकम्मल हो दिल मे दबी …
आशिकाना रात मे पुनम का चाँद भी बादलो की ओट से मौसम का जायका लेता नजर आया …. ,,तु ,,क्या आया जिंदगी मे जीने का …