कविता
कविता

दिलकश कसक

जाने क्यू बडाअजीब होता है तेरे पास होने का अहसास लगता है लपेट रखा है मुझे तेरी मखमली महकती सांसों ने बहकते बहकते जजबातो ने …

तू नही साथ मेरे

तू नही साथ मेरे तो तेरे यादोसे ही बसेरा बना लिया मैने तेरे चूडियोकी खनक से झरोका बना लिया तेरी पायल कि छनछनसे मेरा आँगन …

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